प्रदेश तथा स्थानीय तह कार्यसम्पादन मूल्याङ्कन २०८२
- सार्वजनिक मिति: २०८२ माघ २९
- प्रयोजन: आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को वित्तीय समानीकरण अनुदान सिफारिसको आधार,
- मुख्य विशेषता: कुनै पनि प्रदेशले ५० प्रतिशत अङ्क कटाउन नसकेको,
प्रदेशगत कार्यसम्पाद:
| स्थान | प्रदेश | प्राप्त अङ्क |
| प्रथम | सुदूरपश्चिम प्रदेश | ४५.७० |
| अन्तिम | मधेश प्रदेश | २७.२८ |
महानगरपालिकाहरूको अवस्था:
| महानगरपालिका | प्राप्त अङ्क (%) | राष्ट्रिय स्थान |
| विराटनगर | ७८.११ | प्रथम |
| ललितपुर | ७६.३३ | दोस्रो |
| भरतपुर | ६८.०८ | तेस्रो |
| पोखरा | ५८.७६ | चौथो |
| वीरगन्ज | ५४.०० | पाँचौँ |
| काठमाडौँ | ४४.९७ | छैटौँ (अन्तिम) |
देशभरिका उत्कृष्ट स्थानीय तह:
- पाणिनि गाउँपालिका, अर्घाखाँची: ८३.८४ अङ्क (देशभरिकै पहिलो)
- चौरजहारी नगरपालिका, रुकुम पश्चिम: ८२.१५ अङ्क
- मालिका गाउँपालिका, गुल्मी: ८१.९८ अङ्क
- धुर्कोट गाउँपालिका, गुल्मी: ८०.५२ अङ्क
काठमाडौँ उपत्यकाको विशेष विश्लेषण:
- काठमाडौँ जिल्ला:
- उत्कृष्ट: नागार्जुन नगरपालिका (७०.६३%)
- जिल्लामै कमजोर: बुढानीलकण्ठ नगरपालिका (५१.३९%)
- भक्तपुर जिल्ला:
- उत्कृष्ट: भक्तपुर नगरपालिका (६८.३२%)
- जिल्लामै कमजोर: मध्यपुर थिमि (५०.९२%)
- ललितपुर जिल्ला:
- उत्कृष्ट: महाँकाल गाउँपालिका (७२.९९%)
- जिल्लामै कमजोर: गोदावरी नगरपालिका (४०.९३%)